इन बिंदुओं पर ध्यानपूर्वक विचार करें - पालक शिक्षक संघ की बैठक कितनी अवधि में की जाती है ? अभिभावकों से किस तरह की चर्चा की जाती है ? यह कैसे पता लगाएं कि अभिभावक , विद्यालय और शिक्षक - शिक्षिकाओं की किस प्रकार प्रभावी मदद कर सकते हैं। क् या आपने अभिभावकों की चिंताओं तथा उनके निराकरण के उपायों के बारे में सोचा है ? इन समस्याओं तथा निराकरण के उपायों के बारे में गंभीरता से चिंतन करके अपने विचार साझा करें।
प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को आपके द्वारा दिए गए अनुभवों पर विचार करें। क्या सभी बच्चों को समान शि क्षण प्रदान किया जा रहा है और उनकी निश् चि त परीक्षण सारणी है या सीखने में विविधता को ध् यान में रखा जाता है ? आपके विचार में शि क्षार्थी केंद्रित पद्धति के प्रयोग के क्या लाभ / सीमाएँ हैं ? अपने विचार साझा करें।
क्या हमें भाषा सिखाने की शुरुआत वर्णमाला सिखाने
ReplyDeleteJi Haan Varanmala sikhani chahiye
ReplyDeleteJi Haan vatnamala se shuruaat karni chahiye
ReplyDeleteजी हाँ हमें भाषा सिखाने की शुरुआत वर्णमाला से करनी चाहिए |
ReplyDeleteनिश्चित रूप से हमें मौखिक उसके पश्चात् लिखित रूप में भाषा सिखाने की शुरुआत वर्णमाला से करनी चाहिए।
ReplyDeleteलक्ष्मी शेखावत
भारतीय विद्यालय