शिक्षकों, पालकों अभिभावकोंको , बच्चों को एसा परिवेश देना चाहिए जिससे वे स्वतंत्र रूप से कगज के मिट्टीके खिलौने चित्र बनाना,स्वयंत्र संवाद करनासीखें जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।,
शिक्षकों तथा अभिभावकों को आस - पास उपलब्ध वस्तुओं से स्वतंत्र रूप से क्रियाकलाप करने के अवसर देने चाहिये | खेल पद्धति द्वारा या मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्वयं कुछ करने के अवसर प्रदान करने चाहिये |
बच्चे खेल खेल में सीखना ज्यादा पसंद करते हैं। उन्हें ग्रुप वाइज बांटकर उन्हें कुछ क्रियाकलाप देने चाहिए। जिससे उनमें टीम वर्क बिल्ड हो सके। उनके थिअरी वर्क से ज्यादा पैक्टिकल वर्क पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। उन्हें सुरुआत से ही प्रोजेक्ट देने सुरु करने चाहिए।
इन बिंदुओं पर ध्यानपूर्वक विचार करें - पालक शिक्षक संघ की बैठक कितनी अवधि में की जाती है ? अभिभावकों से किस तरह की चर्चा की जाती है ? यह कैसे पता लगाएं कि अभिभावक , विद्यालय और शिक्षक - शिक्षिकाओं की किस प्रकार प्रभावी मदद कर सकते हैं। क् या आपने अभिभावकों की चिंताओं तथा उनके निराकरण के उपायों के बारे में सोचा है ? इन समस्याओं तथा निराकरण के उपायों के बारे में गंभीरता से चिंतन करके अपने विचार साझा करें।
प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को आपके द्वारा दिए गए अनुभवों पर विचार करें। क्या सभी बच्चों को समान शि क्षण प्रदान किया जा रहा है और उनकी निश् चि त परीक्षण सारणी है या सीखने में विविधता को ध् यान में रखा जाता है ? आपके विचार में शि क्षार्थी केंद्रित पद्धति के प्रयोग के क्या लाभ / सीमाएँ हैं ? अपने विचार साझा करें।
सीखने के परिवेश का सृजन करने के लिए
ReplyDeleteशिक्षकों, पालकों अभिभावकोंको , बच्चों को एसा परिवेश देना चाहिए जिससे वे स्वतंत्र रूप से कगज के मिट्टीके खिलौने चित्र बनाना,स्वयंत्र संवाद करनासीखें जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।,
ReplyDeleteबच्चों को स्वतंत्र रूप से सीखने के अवसर देने चाहिए।
ReplyDeleteव्यवहारिक रूप से किये जाने वाले क्रियाकलापों को सीखने का आधार बनाकर।
ReplyDeleteशिक्षको एवम् अभिभवाको को छा्त्रो को स्वतंत्र रूप से सीखने के अवसर प्रदान करने चाहिए ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके
ReplyDeleteशिक्षकों तथा अभिभावकों को आस - पास उपलब्ध वस्तुओं से स्वतंत्र रूप से क्रियाकलाप करने के अवसर देने चाहिये | खेल पद्धति द्वारा या मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्वयं कुछ करने के अवसर प्रदान करने चाहिये |
ReplyDeleteमनोरंजन को ध्यान में रखते हुए बच्चों को स्वयं कुछ करने के अवसर प्रदान करने चाहिये |
ReplyDeletemake a place and surrounding wgere students feel comfortable.
ReplyDeleteबच्चे खेल खेल में सीखना ज्यादा पसंद करते हैं। उन्हें ग्रुप वाइज बांटकर उन्हें कुछ क्रियाकलाप देने चाहिए। जिससे
ReplyDeleteउनमें टीम वर्क बिल्ड हो सके। उनके थिअरी वर्क से ज्यादा पैक्टिकल वर्क पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
उन्हें सुरुआत से ही प्रोजेक्ट देने सुरु करने चाहिए।
स्वतंत्र रूप से सीखने का अवसर देना चाहिए उनके मनोरंजन के लिए अच्छे-अच्छे खेल बताने चाहिए ताकि उनकी रुचि बनी रहे और साथ ही साथ वह सीख भी सकें।
ReplyDeleteबच्चे स्वयं करके भी सीख सकते|
ReplyDeleteLet them learn by doing independently.
ReplyDeleteagree
Deleteबच्चों को स्वतंत्र रूप से सीखने के अवसर देने चाहिए ताकि उनकी रुचि अपने कार्य में बनी रहे और वे अधिक - अधिक कार्य सीख सकते है |
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