कोर्स 02- गतिविधि 1 : अपने विचार साझा करें

प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को आपके द्वारा दिए गए अनुभवों पर विचार करें। क्या सभी बच्चों को समान शिक्षण प्रदान किया जा रहा है और उनकी निश्चित परीक्षण सारणी है या सीखने में विविधता को ध्यान में रखा जाता है? आपके विचार में शिक्षार्थी केंद्रित पद्धति के प्रयोग के क्या लाभ/सीमाएँ हैं

अपने विचार साझा करें।

Comments

  1. प्रारंभिक वर्षों में बच्चों को आपके द्वारा दिए गए अनुभवों पर विचार करें।

    ReplyDelete
    Replies
    1. शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा में बच्चों को एक स्वस्थ, भयमुक्त वातावरण मुहैया करवाया जाता है, प्रारंभिक शिक्षा में खेल गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को रुचिकर बनाकर शिक्षण कार्य किया जाता है।

      Delete
    2. bacho ki ruchi aur vaibhinnata ko dekh ker khel vidhi ka prayog kerna hi vastavik siksha h

      Delete
  2. प्रारंभिक बरसो में देखभाल और शिक्षा बच्चों की सामाजिक , भावात्मक, संज्ञात्मक और शारीरिक आवश्कताओ पर जोर देते हुए उसके समग्र विकास के लक्ष्य को पूर्ण करना सुनिश्चित करना है।

    ReplyDelete
  3. दक्षता आधारित शिक्षा सीखने के लिऐ समय कैसे निर्धारित किया जाए के बजाए इस बात पर बल देती हैं कि बच्चे दक्षता का प्रदर्शन कैसे करते है।

    ReplyDelete
  4. बच्चों की सीखने की गति अलग अलग होती है सभी बच्चे एक प्रकार से नहीं सीख पाते इसलिए बाल केद्रित शिक्षा प्रणाली हो सबके लिए एक से मापदंड तय नहीं किये जा सकते / बाल केंद्रित शिक्षा प्रणाली बच्चे को अधिक अवसर देती है इसमें समय व सयम की अवश्यकता होती है

    ReplyDelete
  5. bacchon ko samajhne me sahayak

    ReplyDelete
  6. अलग-अलग सामाजिक और पारिवारिक परिवेश से विद्यालय में आनेवाले बच्चों के सीखने गति एक जैसी नहीं होती अतः बाल केंद्रित शिक्षण प्रक्रिया आपनाना जरुरी है।

    ReplyDelete
  7. सामाजिक परिवेश से विद्यालय में आए बच्चों की सीखने की गति अलग अलग होती है सभी बच्चे एक प्रकार से नहीं सीख पाते इसलिए बाल केद्रित शिक्षा प्रणाली बच्चे को अधिक अवसर देती है इसमें समय व सयम की अवश्यकता होती है

    ReplyDelete
  8. अलग अलग बच्चो की क्षमता अलग होती है और उनकी सीखने की गति भी अलग अलग होती है अतः शिक्षण बाल केंद्रित होनी चाहिए

    ReplyDelete
  9. अलग स्तर के बच्चो को शिक्षा के समान स्तर पर एक साथ नही रखा जा सकता

    ReplyDelete
  10. shikshchran baal kendrit honi chaye sab bachoo ki dakshitaye alag lag hoti hai....

    ReplyDelete
  11. शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षण पद्धति लाभप्रद है , क्योंकि सभी बच्चों की सीखने की क्षमता अलग होती है । इससे सभी बच्चे सिख पाएंगे ।

    ReplyDelete
  12. विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक परिवेश से बच्चे विद्यालय में आते हैं ।इसलिए उनके सीखने की गति भी एक जैसी नहीं होती । अतः बाल केंद्रित शिक्षा प्रणाली के द्वारा बच्चों को सीखने के अनेक अवसर प्राप्त होते हैं ।

    ReplyDelete
  13. बच्चों की क्षमता अलग होती है उसीके अनुरुप व्यवस्था होनी चाहिए।

    ReplyDelete
  14. सीखने की क्षमता हर बच्चे में होती है हमें केवल उनकी रुचियों को ध्यान में रखते हुए नई -नई गतिविधियों के माध्यम से उन्हें सीखाने का प्रयास करते रहना चाहिए

    ReplyDelete
  15. Bacho ko samajh mein bahut sahayk hai

    ReplyDelete
  16. Kalpana Nerpagar
    शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा में बच्चों को एक स्वस्थ, भयमुक्त वातावरण दिया जाता है, गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को रुचिकर बनाकर शिक्षण कार्य किया जाता है। हर बच्चे का शिक्षण का स्तर अलग अलग होता है, उसी के अनुसार उनको शिक्षण देना चाहिए।

    ReplyDelete
  17. शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा में बच्चों को एक स्वस्थ, भयमुक्त वातावरण दिया जाता है, गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को रुचिकर बनाकर शिक्षण कार्य किया जाता है। हर बच्चे का शिक्षण का स्तर अलग अलग होता है, उसी के अनुसार उनको शिक्षण देना चाहिए।

    ReplyDelete
  18. बुनियादी शिक्षा समावेसित विकास करता है

    ReplyDelete
  19. बाल केंद्रित शिक्षा द्वारा ही बच्चो का सर्वांगीण विकास उनकी क्षमता के अनुसार अच्छी तरह हो सकता है |

    ReplyDelete
  20. Bacchon ke anuroop honi chahiye

    ReplyDelete
  21. बाल केद्रित शिक्षा प्रणाली बच्चे को बच्चे के व्यवहार और विकास पर बल देती है।
    लक्ष्मी शेखावत
    भारतीय विद्यालय

    ReplyDelete
  22. हर एक बच्चा अलग है| कभी तुलना नहीं करना | श्रवण कौशल का विकास करना|

    ReplyDelete
  23. Every student is different treat them accordingly

    ReplyDelete
  24. अलग अलग बच्चो की क्षमता अलग होती है और उनकी सीखने की गति भी अलग अलग होती है अतः शिक्षण बाल केंद्रित होनी चाहिए ना कि अर्थिक स्थिति के स्तर पर

    ReplyDelete

Post a Comment

Popular posts from this blog

कोर्स 04- गतिविधि 3 : पालक शिक्षक संघ की बैठक में संवाद का एक सशक्त माध्यम - अपने विचार साझा करें