कोर्स 01- गतिविधि 1: अपनी समझ साझा करें
निम्न लिंक से 'खुला आकाश' 2004 वीडियो फिल्म देखें और इस पर अपने विचार साझा करें :
https://www.youtube.com/watch?v=1XjDHOrcJyw
अपनी
समझ साझा करें
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स्कूल और जीवन में सीखने का आधार प्रदान करता है
ReplyDeleteहां, बिल्कुल स्कूल एक ऐसी संस्था है जो बच्चों में नैतिक शिक्षा का बीजारोपण करती है और उनको शैक्षणिक ज्ञान देने के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक तौर पर भी मजबूत बनाती है अगर हम सोचते हैं कि परिवार में ही बच्चों को सारी शिक्षा मिल जाए तो यह कई हद तक सही हो सकता है परंतु सभी परिवारों में ऐसा होना संभव नहीं है क्योंकि सभी परिवारिक शैक्षणिक रूप से मजबूत नहीं है । भारत में कई ऐसे परिवार हैं जहां पर शिक्षा का नामोनिशान भी नहीं है कुछ परिवार जिसमें शिक्षा की जागरूकता है वहां तो बच्चे शिक्षित हो जाएंगे लेकिन हम भारतीय परिवारों में ऐसा नहीं है। हम भारतीय परिवार में बहुत सारे ऐसे परिवार हैं जिनमें शिक्षा का नामोनिशान भी नहीं है तो उन परिवार के बच्चों को भी स्कूल जैसी संस्था तक पहुंचाना एक लक्ष्य है क्योंकि उस संस्था में पहुंचकर वह जीवन के विभिन्न मानदंडों को पूरी तरह सीख सकेंगे इसलिए स्कूल एक ऐसी संस्था है जहां पर पूरी तरह से बच्चे को शिक्षित किया जाता है अगर हम प्राचीन समय में देखें तो बच्चों को परिवारिक माहौल से बाहर निकाल कर के एक खुले वातावरण में गुरु के संज्ञान में रखकर बच्चों को शिक्षित किया जाता था क्योंकि वह जीवन की महत्वपूर्ण नियमों को उद्देश्यों को तभी सीख सकते थे जब वह अपने परिवारिक रोज के मानदंडों से अलग हो जाए इसलिए स्कूल वास्तव में एक अच्छी शिक्षा की भूमिका निभाने वाली संस्था हो सकती है
Deleteschool me achi tarah se manoranjak shikshan tab ho sakta h jb student teacher ratio pr dyan diya jaye
Deleteबच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करना
ReplyDeleteबच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने के लिए यह एक बहुत अच्छा कदम है। इससे बच्चों की foundation बहुत मजबूत बनेंगी और उनकी सोच को दिशा मिलेगी।
ReplyDeleteहा ई सी सी ई आवश्यक हैं। यह मुख्य रूप से लचीली , बहुआयामी,खेल आधारित,गतिविधि आधारित बहुस्तरीय शिक्षा प्रणाली है। इससे छात्रों में अक्षर भाषा , संख्या, गिनती, रंग, आकार,खेल पहेली,और तर्क आधारित सोच का विकास और समस्या का समाधान तथा टीम वर्क के साथ सहयोग की भावना का विकास होगा।
ReplyDeleteECCE बाल्यावस्था की प्रारम्भिक देखभाल एवम् बुनियादी अधिगम की ओर एक मजबूत आधार है
ReplyDeleteआज के समाज का परिदृश्य बदल चुका है लोगों का रहन सहन सोचने और जीने के ढंग में भी बदलाव आया है पहले समय में बच्चे संयुक्त परिवार में रहते थे और हर दिन का गतिविधि है उनका सीसीई था जिसमें बड़े बूढ़े लोग बच्चों को हर विषय पर एक दिशा निर्देश देते रहते थे और परिवारिक परिवेश में रहकर भी बच्चा नित्य नई चीजें सीखता रहता था अपने साथी भाई बहनों से बड़ों के मार्गदर्शन से लेकिन आज संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवार ने ले लिया है एकल परिवार में दोनों मां-बाप अगर काम कर रहे हैं तो बच्चा करना है और उसे बाहर न जाने की हिदायत भी दी जाती है वह अपने साथ ही संगीत बच्चों के साथ कम खेलता है और इसका दुष्परिणाम यह होता है कि वह खेल खेल में बहुत सारी चीजें जो साथ में रहकर सीखता इन चीजों से वंचित रह जाता है और इसलिए अगर ऐसे परिवार में रहना हम लोगों की आज की जरूरत और मजबूरी हो गई है तो वही काम अब स्कूल जैसी संस्था के अंतर्गत बच्चों को सीसीई के अंदर दिया जा रहा है। इसलिए इस सीसीसी के अंतर्गत शिक्षा प्रणाली में जो बदलाव किया जा रहा है कि खेलते खेलते सीखना और हर विषय को करके सीखना यह वास्तव में बच्चों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है इसे सरकार का एक सराहनीय प्रयास और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए
ReplyDeleteहाँ ECCE बहुत आवश्यक है बच्चों को स्वतंत्र होकर सीखना, उनकी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की neev को मजबूत करने के लिए,उनको अधिगम के अवसर देने के लिए, समग्र विकास के लिए
ReplyDeleteECCE अति आवश्यक है यह बच्चों को मानसिक,शारीरिक,सामाजिक नैतिक विकास मे मदद करता है बच्चों को स्वतंत्र होकर आनंद पूर्ण वातावरण
Deleteमे सिखने के अवसर प्रदान करता है
Haan bahut jaruri hai
ReplyDeleteEducation ko khel khel me interest k sath unhe sikhaya jana chahiye
Smart classes jaise features ko hume government schools me bhi lana chahiye aur teachers ko sabse phle internet se leke computer aur smart gadgets use karna aana chahiye
skul jeevan ka aadhaar hai
ReplyDeleteहां, बच्चों की बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ आधार देने हेतु यह बहुत उपयोगी है।'खुला आकाश ' में दर्शाया गया वातावरण बालकों के सर्वांगीण विकास में सहायक हो सकता है। प्रत्येक प्राइमरी स्तर के विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
ReplyDeleteई सी सी ई द्वारा बच्चों का बहुमुखी विकास संभव है। बड़ी सुगमता व सरलता से बच्चे खेल विधि द्वारा सीखना आरंभ करते हैं।शुरुआती दौर में जब आनंद का अनुभव हो जाए तो फिर भविष्य में भी सीखने का आनंद उठाते हैं।
ReplyDeleteहाँ, मैं आपके सभी विचारों से पूर्ण रूप से सहमत हूँ, बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए यह आवशयक है |
ReplyDeleteबच्चों के बुनियादी विकास के लिए यह आवशयक है |
ReplyDeleteसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है क्योंकि जब तक बच्चों का बेसिक मजबूत नहीं होगा तब तक एक विशाल शिक्षा भवन की नींद नहीं डाली जा सकती है इसलिए बच्चों का बेसिक स्ट्रांग करना सबसे ज्यादा जरूरी है और जो शायद पहली बार शिक्षा नीति में जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसको प्राप्त करने की दिशा में एक विशेष जो कदम उठाया गया है वह वास्तव में देश के लिए कल्याणकारी होगा।
ReplyDeleteहाँ, सी.सी.ई. आवश्यक है | इस सीसीसी के अंतर्गत शिक्षा प्रणाली में जो बदलाव किया जा रहा है कि खेलते खेलते सीखना और हर विषय को करके सीखना यह वास्तव में बच्चों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है इसे सरकार का एक सराहनीय प्रयास और शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाना चाहिए|
ReplyDeleteसच, ईसीसीई बहुत लाभदायी सिद्ध होगा। बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान बच्चों के लिए एक अच्छा कदम है। इससे बच्चों की शिक्षा की आधारशिला मज़बूत होगी। टीम वर्क से सहयोग की भावना मज़बूत होगी जोकि आगे भविष्य के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होगा। शिक्षा के क्षेत्र में यह मिशन सरकार का एक सराहनीय प्रयास है।
ReplyDeleteहां ,ईसीसीई आवश्यक है।जहां बच्चा दबाव रहित और आनन्दमयी वातावरण में स्वतन्त्र होकर खेल-खेल में सीख सकता है।अधिगम के अधिक अवसर प्राप्त होने से बच्चों का समग्र विकास होगा।
ReplyDeleteहां।ईसीसीई आवश्यक है जहां बच्चे दबावरहित और आनंद मयी वातावरण में अधिगम के अधिक अवसर प्राप्त होने से स्वतन्त्र व सहज तरीके से भाषा,संख्या ज्ञान ,अनुशासन ,नैतिक व सामाजिक व्यवहार आदि सीख सकेंगे।
ReplyDeleteबच्चे खेल- खेल में स्वभाविक रूप से बहुत कुछ सीख लेते हैं।ईसीसीई में बच्चों में भाषा व संख्या ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार का भी विकास होता है।अतः ईसीसीई आवश्यक है।
ReplyDeleteगतिविधि से सीखना और सीखाना स्वयं एक ऐसी क्रिया है जिसमे बच्चे दबाव रहीत अधिगम मे रहते है
ReplyDeletekhel khel m sikhne ke zydha avsar prapth hote ha
ReplyDeleteECCE बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह खेल खेल में कई गतिविधियों के द्वारा बच्चों को सीखने के कई अवसर प्रदान करता है। इससे छात्रों में अक्षर ,भाषा ,संख्या, गिनती ,रंग ,आकार ,तर्क करने की शक्ति तथा समूह में कार्य करने की भावना का विकास होगा।
ReplyDeleteFLN is the way by which early childhood can be explore in proper aspect
ReplyDeleteबच्चे खेल- खेल में स्वभाविक रूप से बहुत कुछ सीख लेते हैं।ईसीसीई में बच्चों में भाषा व संख्या ज्ञान होता है।अतः ईसीसीई आवश्यक है।
ReplyDeleteBathroom, brushing teeth,nails treating, washing hand before and after meal,clean uniform,cleaning surroundings
ReplyDeleteECCE बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो बुनियादी शिक्षा का आधार है l
ReplyDeleteECCE BACHCHON KO BUNIYADI SAKHARTA AND SANKHYAON KA KNOWLEDGE KRANE ME AHAM BHUMIKA NIBHAYEGA. AND BACHCHE KHEL - KHEL ME , GATIVIDHI DWARA ACHCHE SE SEEKHTE H . Isiliye This is very important. Kyuki starting me hi bachche ka base strong ni h to aage badhna uske liye mushkil ho jata h.....
ReplyDeleteस्कूल बच्चो के जीवन का स्वर्ग द्वार होता है।
ReplyDeleteबच्चो के लिए स्कूल अतिआवश्यक है।
बच्चों के सर्वांगिण विकास के लिए अत्यावश्यक शैक्षणिक व्यवस्था
ReplyDeleteECCE अति आवश्यक है यह बच्चों को मानसिक,शारीरिक,सामाजिक नैतिक विकास मे मदद करता है बच्चों को स्वतंत्र होकर आनंद पूर्ण वातावरण
ReplyDeleteमे सिखने के अवसर प्रदान करता है
ज्योति नायक - खेल पद्धति एवं गतिविधि द्वारा बच्चे तनाव रहित रहकर हँसते- खेलते शिक्षा प्राप्त करते हैं |
ReplyDeleteit is important because it develops mind, body cordination.
ReplyDeleteनिश्श्चित रूप से ,ईसीसीई स्कूल और जीवन में सीखने का आधार प्रदान करता है . इस परिषद् ने 0-6 वर्ष की आयु वर्ग के छोटे बच्चों के लिए अपेक्षित गुणवत्ता के साथ सर्वांगीण तथा समेकित विकास के लिए जो अवधारणा बनाई है, उससे बच्चे की पारंभि अवस्था का सर्वागीण विकास संभव हो सकेगा। बच्चेअध्ययन में रूचि ले सकेंगे। इससे बच्चो का बुनियादी ढांचा मजबूत बनेगा।
ReplyDeleteलक्ष्मी शेखावत
भारतीय विद्यालय दारसेत ,
मस्कट,ओमान।
बच्चों के विकास और सहजता पर अधिक ध्यान देना| व्यवहारिक ज्ञान देना| खेल -खेल में सीखना|
ReplyDeletegive importance to their moral development
ReplyDeleteECCE अति आवश्यक है यह बच्चों को व्यवहारिक, प्रैक्टिकल, सामाजिक विकास मे मदद करता है बच्चों को स्वतंत्र होकर आनंद पूर्ण वातावरण मे सीखने के अवसर प्रदान करता है
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